उत्तराखंड के बजट पर एक नजर…

त्रिवेंद्र रावत की सरकार ने बजट में राजस्व बढ़ाने के प्रयास किये है। जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के वायदे को सरकार ने बजट के माध्यम से आगे बढाया है। पर्यटन में सरकार को केंद्र से खासी मदद मिलती रही है। इस सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए एडवेंचर टूरिज्म विभाग खोलने की तैयारी में है। इससे जुड़ी नई योजनाएं त्रिवेंद्र सिंह रावत के बजट में हैं।

विधेयक जो अधिनियम बन गए
– वर्ष 2019-20 का बजट
– माल एवं सेवा कर संशोधन अधिनियम
– उत्तराखंड शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण अधिनियम
– उत्तराखंड मंत्री वेतन, वेतन, भत्ता 2019 अधिनियम
– उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद संशोधन अधिनियम
– उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम
– उत्तराखंड भूतपूर्व मुख्यमंत्री आवासीय एवं अन्य सुविधाएं
– उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम
– उत्तराखंड जैविक कृषि अधिनियम
– उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन अधिनियम
– कृषि उत्पाद मंडी संशोधन अधिनियम
– फल पौधशाला अधिनियम

सदन में पेश हुए ये विधेयक
– संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम 1910 संशोधन विधेयक
– यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रुड़की विधेयक
– उत्तराखंड-उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 संशोधन अधिनियम (संशोधन विधेयक)
– उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1959 संशोधन अधिनियम (संशोधन विधेयक)
– उत्तराखंड साक्षी संरक्षण विधेयक
– उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन विधेयक
– उच्च शिक्षा परिषद अधिनियम, 1995 संशोधन विधेयक
– उत्तराखंड उपकर संशोधन विधेयक
– ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक

किस मद के लिए कितना बजट…
राजस्व प्राप्तियां- 42439.33 करोड़ रुपये
कर्मचारियों के वेतन, भत्तों पर खर्च- 14673.96 करोड़
योजनाओं के लिए बजट- 11137.30 करोड़
घाटे को पूरा किया 460 करोड़ रुपये,पब्लिक अकाउंट से लेकर राजस्व घाटा पूरा

रिवर्स पलायन- 18 करोड़ रुपये
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन- 76 करोड़
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना- 53 करेड़
गन्ना भुगतान- 240 करोड़
पैक्स कम्प्यूटराइजेशन- 10 करोड़
पशुपालन- 414.35 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना- 20 करोड़ रुपये

बुनियादी ढांचा
मुजफ्फरनगर रुड़की रेल मार्ग- 70 करोड़
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- 1072 करोड़
सौंग पेयजल बांध परियोजना- 130 करोड़
नाबार्ड के सहयोग से पेयजल की 22 नई योजनाओं के लिए 190 करोड़

स्मार्ट सिटी-123 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी- 95 करोड़
शहरी विकास एडीबी योजना- 103 करेड़
राज्य वित्त आयोग से शहरी निकायों के लिएरू774.24 करोड़
जिला योजना के तहत 665 करोड़

स्वास्थ्य
हैल्थ एवं वेलनेस सेंटर- 380.50 करोड़
मेडिकल कालेज हल्द्वानी एवं संबद्ध अस्पताल- 110 करोड़
दून मेडिकल कालेज- 96.79 करोड़

समाज कल्याण
आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण- 48.60 करोड़
नंदा गौरा योजना- 80 करोड़
बाल पोषण योजना- 25 करोड़

विद्यालयी शिक्षा- 7867.99 करोड़
एअरोस्पेसे व रक्षा उद्योग- 50 करोड़
एमएसएमई सहायता योजना- 35 करोड़
वनों को आग से बचाने के लिए- 19.92 करोड़
जायका- 110 करोड़

होम स्टे- 11.50 करोड़
पर्यटन विकास बाह्य सहायता- 119 करोड़

सड़क सुरक्षा कोष- 06 करोड़
लोक निर्माण विभाग को सड़क सुरक्षा के लिए- 7 करोड़

जौलीग्रांट विस्तार- 295 करोड़
खेल एवं युवा कल्याण- 239.94
राष्ट्रीय खेल- 90 करोड़
विश्व बैँक की नई योजना- 315 करोड़

2019-20 में जीडीपी की रैंकिंग में उत्तराखंड को दूसरा स्थान
-केदारनाथ में 32 लाख श्रद्धालु आए

बजट के प्रावधान
-जमरानी बांध के अंतर्गत आ रहे लोगों के पुनर्वास के लिए 220 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
-हर घर नल से जल के लिए 134 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
-हरिपुरा और तुमड़िया जलाशय के लिए पावर प्रोजेक्ट पर 20-21 में काम शुरू हो जाएगा।
-जंगली जानवरों द्वारा किए गए नुकसान प्राकृतिक आपदा की सूची में शामिल।
-गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित।
-मंडुवा, उड़द, गहत, मसूर, आदि के लिए लिए कृषि उत्पादन सर्वेक्षण योजना
-कौशल विकास के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा।
-युवाओं को हुनर विशेष सिखाने लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता योजना के तहत निश्चित राशि दी जाएगी।
-राज्य के 67 गांवों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य।
-2021 में 3063 शिक्षा विभाग में नियुक्तियां की जाएगी।
-बाल विकास में 1224 कर्मियों की भर्ती की जाएगी।
-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 76 करोड़ की धनराशि का प्रावधान
-निवेशक सम्मेलन में 22 हजार करोड़ की पूंजी निवेश से 57314 रोजगार के अवसर मिलेंगे।
-विदेशों में बसे लोगों को निवेश से जोड़ने के लिए अलग से विभाग बनेगा।
-पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 2174 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
-रबी खरीफ के लिए 23 करोड़ा का प्रावधान किया गया है।
-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 53 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित
-मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकनाइजेशन के तहत 500 फार्म मशीनरी बैंक, 800 कस्टम हायरिंग
सिस्टम स्थापित होंगे।
-किसानों के अवशेष गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 240 करोड़
की धनराशि की व्यवस्था।
-राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के लिए 100 करोड़ की धनराशि।
-दुग्ध सहकारिताओं के विकास के लिए 444.62 करोड़ का प्रावधान।
-सहकारी समिति में कंप्यूटराइजेशन के लिए 10 करोड़ का प्रावधान।
-दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान योजना के तहत 27 करोड़ का प्रावधान।

नई योजनाएं
– हल्द्वानी-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के लिए हेली सेवा शुरू की जाएगी।
-दिव्यांग, वृद्धावस्था, विधवा पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रतिमाह करा दी गई है।
-स्कूलों में 3 लाख से अधिक छात्रों को फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा।
-सबके लिए स्वास्थ्य- शीघ्र ही 314 डाक्टरों के पदों को भरने के लिए चिकित्सक चयन आयोग
बना लिया जाएगा।
-जायका परियोजना (वन पंचायतों के वन आवरण में वृद्धि, वनों के निक टवर्ती गांववालों की
-आजीविका में सुधार तथा वनों पर निर्भरता कम करने के लिए 110 करोड़ का प्रावधान।
-ईको टूरिज्म नीति जल्द लागू होगी।
-वीरचंद्र गढ़वाली योजना के लिए 17.50 करोड़ प्रावधान।
-पशुपालन विभाग के लिए 414.35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
-नरेगा के लिए 266.70 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
-सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से डेढ़ सौ से अधिक जनसंख्या वाले सीमावर्ती गांवों में सड़क पहुंचाई जाएगी।