Daily Archives: July 17, 2019

भारत में गरीबी का स्तर घटा, जानिए क्या रही वजह

भारत में स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति से बड़ी संख्या में लोग गरीबी के दलदल से बाहर निकल आए हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2006 से 2016 के बीच रेकॉर्ड 27.10 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। खाना पकाने के ईंधन, साफ-सफाई और पोषण जैसे क्षेत्रों में मजबूत सुधार के साथ बहुआयामी गरीबी सूचकांक वैल्यू में सबसे बड़ी गिरावट आई है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ऑक्सफर्ड पावर्टी ऐंड ह्यूमन डिवेलपमेंट इनीशएटिव (ओपीएचआई) द्वारा तैयार वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) 2019 जारी किया गया। रिपोर्ट में 101 देशों में 1.3 अरब लोगों का अध्ययन किया गया। इसमें 31 न्यूनतम आय, 68 मध्यम आय और 2 उच्च आय वाले देश थे। विभिन्न पहलुओं के आधार पर ये लोग गरीबी में फंसे थे यानी गरीबी का आकलन सिर्फ आय के आधार पर नहीं बल्कि स्वास्थ्य की खराब स्थिति, कामकाज की खराब गुणवत्ता और हिंसा का खतरा जैसे कई संकेतकों के आधार पर किया गया।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गरीबी में कमी को देखने के लिए संयुक्त रूप से करीब दो अरब आबादी के साथ 10 देशों को चिन्हित किया गया। आंकड़ों के आधार पर इन सभी ने सतत विकास लक्ष्य 1 प्राप्त करने के लिए उल्लेखनीय प्रगति की। सतत विकास लक्ष्य 1 से आशय गरीबी को सभी रूपों में हर जगह समाप्त करना है। ये 10 देश बांग्लादेश, कम्बोडिया, डेमोक्रैटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, इथियोपिया, हैती, भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान, पेरू और वियतनाम हैं। इन देशों में गरीबी में उल्लेखनीय कमी आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘सबसे अधिक प्रगति दक्षिण एशिया में देखी गई। भारत में 2006 से 2016 के बीच 27.10 करोड़ लोग, जबकि बांग्लादेश में 2004 से 2014 के बीच 1.90 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले।’ इसमें कहा गया है कि 10 चुने गए देशों में भारत और कम्बोडिया में एमपीआई मूल्य में सबसे तेजी से कमी आई और उन्होंने सर्वाधिक गरीब लागों को बाहर निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
भारत का डच्प् वैल्यू 2005-06 में 0.283 था, जो 2015-16 में 0.123 पर आ गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में गरीबी में कमी के मामले में सर्वाधिक सुधार झारखंड में देखा गया। वहां विभिन्न स्तरों पर गरीबी 2005-06 में 74.9 प्रतिशत से कम होकर 2015-16 में 46.5 प्रतिशत पर आ गई। इसमें कहा गया है कि 10 संकेतकों पोषण, स्वच्छता, बच्चों की स्कूली शिक्षा, बिजली, स्कूल में उपस्थिति, आवास, खाना पकाने का ईंधन और संपत्ति के मामले में भारत के अलावा इथोपिया और पेरू में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किए गए।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2005-06 में भारत के करीब 64 करोड़ लोग (55.1 प्रतिशत) गरीबी में जी रहे थे, जो संख्या घटकर 2015-16 में 36.9 करोड (27.9 प्रतिशत) पर आ गई। इस प्रकार, भारत ने बहुआयामी यानी विभिन्न स्तरों और उक्त 10 मानकों में पिछड़े लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में उल्लेखनीय प्रगति की है।

इंटरनेट सर्च इंजन गूगल पर चीन के साथ मिलकर काम करने का आरोप

इंटरनेट सर्च इंजन गूगल पर चीन की सरकार के साथ मिलकर काम करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। अमेरिकी सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उनका प्रशासन इस मामले … अधिक पढ़े …

आंबेडर यूनिवर्सिटी में एडमिशन हुआ आसान, कटऑफ गिरी

दिल्ली की आंबेडर यूनिवर्सिटी में शहर के स्टूडेंट्स को मैथमैटिक्स (ऑनर्स) में ऐडमिशन लेना अब आसान हो गया है क्योंकि यहां का कटऑफ 3.25 फीसदी गिर गया है। शुक्रवार को इसकी सेकंड लिस्ट जारी होने के बाद यह बात सामने … अधिक पढ़े …

संसद में सांसदों की मौजूदगी को लेकर पीएम गंभीर, दी नसीहत

भारतीय जनता पार्टी की संसदीय बैठक मंगलवार को संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग में हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह व तमाम वरिष्घ्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में मौजूद नेताओं को संबोधित करते … अधिक पढ़े …

उत्तराखंड के दो लोगों को मिलेगा संगीत अकादमी पुरस्कार

उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी और रंगमच और फिल्म समीक्षक दीवान सिंह बजेली को संगीत अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है। संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा जारी प्रेस बयान में यह जानकारी दी गयी … अधिक पढ़े …

कई आयकर अधिकारियों के ट्रांसफर

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (यूपी पश्चिम एवं उत्तराखंड) प्रमोद कुमार गुप्ता ने सोमवार को विभाग के 44 आयकर अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए। इनमें उपायुक्त, उप निदेशक, सहायक आयुक्त, सहायक निदेशक स्तर के अधिकारी हैं।11 अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज भी … अधिक पढ़े …

शराब के बॉटलिंग प्लांट के विरोध में खंडूड़ी

देवप्रयाग के नजदीक और टिहरी में शराब के बॉटलिंग प्लांट को मंजूरी दिए जाने के फैसले के खिलाफ वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी भी उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि पैसा कमाने के लिए शराब बनाया … अधिक पढ़े …

हरेला हमारी संस्कृति और पर्यावरण का वाहकः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हरेला पर्व पर रिस्पना से ऋषिपर्णा अभियान के अन्तर्गत मोथरावाला, देहरादून में वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक संयोग है कि इस वर्ष गुरू पूर्णिमा व हरेला पर्व एक ही दिन है। उन्होंने … अधिक पढ़े …

मुख्यमंत्री ने लक्ष्मणझूला को हेरिटेज प्रोपर्टी बताया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लक्ष्मण झूला उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर है। पिछले 90 सालों से यह देश व दुनिया के पर्यटकों व श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण झूला को संरक्षित करने … अधिक पढ़े …