Monthly Archives: February 2020

खुशखबरीः एपीएमसी एक्ट खत्म, केंद्र का मॉडल एक्ट लागू

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र के फार्मूले को अपनाया है। प्रदेश में लागू उत्तराखंड कृषि उत्पादन मंडी विकास एवं विनियमन अधिनियम को खत्म कर इसकी जगह केंद्र का मॉडल एक्ट (कृषि उपज एवं पशुधन विपणन अधिनियम) को लागू किया है। मंत्रिमंडल ने इसकी मंजूरी दे दी है।
केंद्र ने किसानों की आय बढ़ानेे के लिए कृषि उत्पादों का व्यापार खुला करने के लिए मॉडल एक्ट को लागू किया है। अब किसानों को मंडियों में कृषि उत्पाद लाने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। किसान अपने उत्पाद को उचित दामों पर मंडी से बाहर कहीं भी बेच सकेंगे। मंडी समिति की ओर से फल-सब्जी व अन्य कृषि उत्पादों के कारोबार पर शुल्क नहीं लिया जाएगा।
वर्तमान में लागू उत्तराखंड कृषि उत्पादन मंडी विकास एवं विनियमन अधिनियम (एपीएमसी) में यह व्यवस्था है कि मंडी समिति के अधीन आने वाले क्षेत्रों में फल-सब्जी के कारोबार पर एक प्रतिशत मंडी शुल्क लिया जाता है। लाइसेंस के बिना कोई भी आढ़ती कृषि उत्पादों का कारोबार नहीं कर सकता है। मॉडल एक्ट में बिना लाइसेंस के भी आढ़ती किसानों का उत्पाद खरीद सकते हैं।

कांट्रेक्ट फार्मिंग से बंजर होने से बचेगी कृषि भूमि
उत्तराखंड के किसान अब कांट्रेक्ट फार्मिंग (अनुबंध खेती) कर सकेंगे। मंत्रिमंडल ने कांट्रेक्ट फार्मिंग एक्ट 2018 को राज्य में लागू करने की मंजूरी दे दी है। इससे कृषि क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार किसानों से खेती के लिए कांट्रेक्ट कर सकते हैं।

कर्नाटक और मैसूर की तर्ज पर राज्य में कांट्रेक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक्ट बनाया है। इस एक्ट के आधार पर प्रदेश में अनुबंध खेती की मंजूरी दे दी है। इस एक्ट के लागू होने से जिन किसानों के काफी कृषि भूमि है और वे बुढ़ापे में खेेतीबाड़ी नहीं कर सकते हैं। ऐसे किसान अपनी कृषि भूमि को कांट्रेक्ट फार्मिंग के लिए कंपनी को लीज पर दे सकते हैं। किसान के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने एक्ट में व्यवस्था की है। जिससे लीज पर दी जाने वाली जमीन को न तो ट्रांसफर किया जाएगा और न ही उस पर कोई कब्जा कर सकता है।

राज्य में तीन लाख हेक्टेयर भूमि बंजर
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में करीब सात लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। जिसमें रबी और खरीफ फसलें उगाई जाती है। लगभग तीन लाख हेक्टेयर कृषि भूमि बंजर हो चुकी है। जंगली जानवरों और बंदरों की समस्या, सिंचाई का अभाव से किसान खेती छोड़ रहे हैं। राज्य गठन के बाद प्रदेश में लगभग 17 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि का क्षेत्रफल कम हुआ है।

राज्य कर्मचारी और पेंशनरों को असीमित मेडिकल कवर की सुविधा

उत्तराखंड सरकार ने राज्य अटल आयुष्मान योजना का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश के चार लाख सरकारी कर्मचारियों को इस योजना के अधीन लाया गया है। मामूली शुल्क देकर सरकार कर्मचारी, पेंशनर और उनके परिजन असीमित धनराशि के मेडिकल कवर … अधिक पढ़े …

मुख्यमंत्री ने जताया विश्वास, उद्यमियों की हर समस्या का शीघ्र समाधान होगा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उद्यमियों से मेरा सामाजिक दायित्व (माई सोसियल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य की बेहतरी के लिये सहयोगी बनने की अपेक्षा की है। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों को सुविधायुक्त वातावरण प्रदान करने, उद्यमियों … अधिक पढ़े …

मुख्यमंत्री ने चंपावत जिले को 116 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी

चंपावत जिले के भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चंपावत जिले को कई सौगातें दी। इस अवसर पर उन्होंने जिला मुख्यालय के गोल्ज्यू मैदान में तीन दिवशीय चंपावत महोत्सव में प्रतिभाग किया गया। इस दौरान उन्होंने जिले के … अधिक पढ़े …

आज और कल बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी का अलर्ट जारी

उत्तराखंड के कई इलाकों में आज और कल भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने के भी आसार … अधिक पढ़े …

देहरादून में स्थापित हुई आयकर अपीलीय अधिकरण की सर्किट बैंच

केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा गुरूवार को हरिद्वार बाई पास स्थित होटल में आयकर अपीलीय अधिकरण (आईटीएटी) की देहरादून सर्किट बैंच का मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत एवं आयकर अपीलीय अधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस … read more

हल्द्वानी में एक अरब 13 करोड़ 42 लाख की योजनाओं का हुआ लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हल्द्वानी में एक अरब 13 करोड 42 लाख की 78 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें 48 करोड 52 लाख, 68 हजार की 24 योजनाओं का लोकार्पण व 64 करोड, 89 लाख, 43 हजार … read more

पंचायती राज की समीक्षा में मंत्री ने दिये निर्देश

सचिवालय सभागार में पंचायती राज मंत्री अरविन्द पाण्डेय की अध्यक्षता में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए जिन जनपदों की उपलब्धि … अधिक पढ़े …

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शत-प्रतिशत लाभ मिलेः शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय की अध्यक्षता में माध्यमिक तथा बेसिक शिक्षा की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। शिक्षा मंत्री ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शत् प्रतिशत छात्रों को स्कूल में पंजीकृत कराकर शिक्षा … अधिक पढ़े …

किसानों को राहत, गेहूं के समर्थन मूल्य में 65 रूपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में रबी-खरीद सत्र 2020-21 की समीक्षा की। उन्होंने गेहूँ क्रय का समर्थन मूल्य 1925 रूपये प्रति क्विंटल किये जाने की स्वीकृति प्रदान करते हुए कहा कि किसानों को अधिकतम मूल्य एवं बेहतर सुविधायें उपलब्ध … अधिक पढ़े …