मलासी सम्मान से नवाजीं गई कुसुम जोशी

ऋषिकेश।
मुनिकीरेती स्थित आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामी शंकर तिलक महाराज ने मैती स्वयंसेवी संस्था की संस्थापक अध्यक्ष कुसुम जोशी को स्व. द्वारिका प्रसाद मलासी सम्मान प्रदान किया। उन्हें बतौर सम्मान उत्तरीय, माता की चुनरी और स्मृति चिह्न दिया गया। इसबीच शादी विवाह और मांगलिक समाराहों में कॉकटेल के खिलाफ संघर्ष और मैती आंदोलन की तर्ज पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय जोशी के उल्लेखनीय कार्यों पर प्रकाश डाला गया। स्वामी शंकर तिलक ने उनके प्रयासों को समाज के लिए अनुकरणीय बताया। कार्यक्रम में कुसुम जोशी ने नशा विरोधी अभियान के दौरान आई दिक्कतों को भी साझा किया।
रामायण प्रचार समिति के पंडित रवि शास्त्री ने कहा कि कुसुम जोशी जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान जरूरी है। इससे युवा पीढ़ी को भी मार्गदर्शन मिल सकेगा। कहा कि अन्य संस्थाओं को भी सामाजिक बुराईयों के विरूद्ध आगे आना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अगनानंद सरस्वती और संचालन डा. सुनील दत्त थपलियाल ने किया। इस अवसर पर मनोज मलासी, जयेंद्र पुंडीर, सुरेंद्र गुसाईं, हर्षित उनियल, स्वतंत्रता चैतन्य, पवित्रता चैतन्य, गौरी चैतन्य, गुरू मंडला, चेतली चैतन्य, बानवी आदि उपस्थित थे।