एमडीडीए में व्यवसायिक मानचित्रों की स्वीकृति की सीमा घटी

एमडीडीए तथा अन्य जिला विकास प्राधिकरणों के साथ सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बैठक की। इस दौरान उपाध्यक्ष, एमडीडीए द्वारा नागरिकों के हित में निम्न निर्णय लेते हुए उन पर शीघ्र कार्य करने का आश्वासन दिया गया-

1. जिन आवेदकों को स्वीकृति हेतु मानचित्र ऑनलाईन अपलोड करने अथवा ऑनलाईन फीस भुगतान करने में कठिनाई हो, उनके लिए एमडीडीए में एक सुविधा-डेस्क स्थापित की जायेगी।
2. प्रयुक्त सॉफ्टवेयर का वित्तीय मोडयूल अभी निर्मित किया जा रहा है अतः आरटीजीएस अथवा बैंक-चालान द्वारा जमा किये जा रहे भुगतानों को इस प्रकार इंटीगे्रट किया जायेगा कि उनके पृथक से मिलान, जिसमें वर्तमान में समय लगता है, की आवश्यकता समाप्त हो जायेगी।
3. व्यवसायिक मानचित्रों की स्वीकृति की समय-सीमा 60 दिन से घटाकर 30 दिन सुनिश्चित की जायेगी।
4. ऐसे भवनों जहाँ लिफ्ट प्रयुक्त की जा रही है, वहाँ सुरक्षा के दृष्टिगत लिफ्ट का सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणीकरण कराये जाने के उद्देश्य से प्राधिकारी के चिन्हीकरण से संबंधित शासनादेश जारी कराया जायेगा।

कंपाउंडिंग की सेवा हेतु वर्कफ्लो तथा पदाभिहित अधिकारी एवं अपीलीय प्राधिकारियों को चिन्हित कर आयोग को सूचित किया जायेगा।

बैठक के दौरान निम्न सेवाओं को संशोधित कर अधिसचित कराये जाने का निर्णय लिया गयाः-
1. व्यवसायिक मानचित्रों के 02 प्रकार होंगे – (अ) जो स्वीकृति हेतु प्राधिकरण के बोर्ड के विचारार्थ रखे जाते हैं एवं बोर्ड की बैठक 03 माह में आहूत होने के कारण जिनकी स्वीकृति में अधिक समय लग जाता है तथा (ब) जो स्वीकृति हेतु प्राधिकरण के बोर्ड के विचारार्थ नहीं रखे जाते एवं 30 दिन के भीतर स्वीकृत किये जा सकते हैं।
2. कार्यपूर्ति प्रमाण-पत्र की सेवा के 03 प्रकार होंगे – (अ) आवासीय मानचित्र (ब) अनावासीय मानचित्र तथा (स) व्यवसायिक मानचित्र